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-   -   होंठ जैसे गुलाब के फूल हो..... (http://www.shayri.com/forums/showthread.php?t=80197)

Dev Kumar 5th July 2017 11:20 AM

होंठ जैसे गुलाब के फूल हो.....
 
होंठ जैसे गुलाब के फूल हो
बाल जैसे काली काली घटा

आँख जैसे गहरा सागर
पलकों पर जैसे हर मौसम फ़िदा

हर एक मुस्कान पर मरे कितने ही
उसकी है हर बात निराली और जुदा

नज़र उठे तो घटा छा जाये
नज़र गिरे तो हो जाये बारिश

और क्या कहू उसकी शान में आप सब से
बस छोटी सी ये एक मिसाल है उसके हुसन की।

देव कुमार

Madhu 14 10th July 2017 10:44 PM

Quote:

Originally Posted by Dev Kumar (Post 495903)
होंठ जैसे गुलाब के फूल हो
बाल जैसे काली काली घटा

आँख जैसे गहरा सागर
पलकों पर जैसे हर मौसम फ़िदा

हर एक मुस्कान पर मरे कितने ही
उसकी है हर बात निराली और जुदा

नज़र उठे तो घटा छा जाये
नज़र गिरे तो हो जाये बारिश

और क्या कहू उसकी शान में आप सब से
बस छोटी सी ये एक मिसाल है उसके हुसन की।

देव कुमार

Waah!!Bahot khoob Dev Kumar ji....

akant 17th July 2017 01:36 PM

good
 
Quote:

Originally Posted by Dev Kumar (Post 495903)
होंठ जैसे गुलाब के फूल हो
बाल जैसे काली काली घटा

आँख जैसे गहरा सागर
पलकों पर जैसे हर मौसम फ़िदा

हर एक मुस्कान पर मरे कितने ही
उसकी है हर बात निराली और जुदा

नज़र उठे तो घटा छा जाये
नज़र गिरे तो हो जाये बारिश

और क्या कहू उसकी शान में आप सब से
बस छोटी सी ये एक मिसाल है उसके हुसन की।

देव कुमार

Dev kumar ji

bahut achchhi koshish hai aapki... likhawat se vastavikata jhalakti hai..
likhate rahiye..

shubhkamnao sahit,
Akant...

Dev Kumar 18th July 2017 10:21 PM

Quote:

Originally Posted by akant (Post 495919)
Dev kumar ji

bahut achchhi koshish hai aapki... likhawat se vastavikata jhalakti hai..
likhate rahiye..

shubhkamnao sahit,
Akant...


bahut bahut sukriya sir ji

abhar


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