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palash 23rd August 2019 12:17 PM

हम दिल लगा जो बैठे तेरी बेरूख़ी के साथ
 
हम दिल लगा जो बैठे तेरी बेरूख़ी के साथ,
धोखा ही कर दिया, इस ज़िंदगी के साथ

आँखों में तुम ही रहते हो अब चार पहर तक,
चाहे हो गम के साथ, या खुशी के साथ

कोई तेरा फिदाई जो हो, तो क्यूँ हो,
बर्दाश्त नहीं है हमे तू किसी के साथ

वस्ले -फिगार दिल किसी काम का नहीं,
मयकशी के साथ हो या बेखुदी के साथ

इब्रत की कोई फ़िक्र, ना ही धमकियों का ख़ौफ़ ,
गर तुम सा दोस्त है मेरी बेकसी के साथ |

bhushan 23rd August 2019 09:50 PM

Bohot achhe, kya likha hai bhai waaah

aise hi likhte rahe aur share karte rahe

aapka apna

bhushan

sameer'shaad' 27th August 2019 10:02 PM

Quote:

Originally Posted by palash (Post 496927)
हम दिल लगा जो बैठे तेरी बेरूख़ी के साथ,
धोखा ही कर दिया, इस ज़िंदगी के साथ

आँखों में तुम ही रहते हो अब चार पहर तक,
चाहे हो गम के साथ, या खुशी के साथ

कोई तेरा फिदाई जो हो, तो क्यूँ हो,
बर्दाश्त नहीं है हमे तू किसी के साथ

वस्ले -फिगार दिल किसी काम का नहीं,
मयकशी के साथ हो या बेखुदी के साथ

इब्रत की कोई फ़िक्र, ना ही धमकियों का ख़ौफ़ ,
गर तुम सा दोस्त है मेरी बेकसी के साथ |


bahot accha likha hai aapne............... likhte rahiye, aate rahiye.

Shaad....


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