Shayri.com

Shayri.com (http://www.shayri.com/forums/index.php)
-   Shayri-e-Dard (http://www.shayri.com/forums/forumdisplay.php?f=4)
-   -   तेरी यादें (http://www.shayri.com/forums/showthread.php?t=80282)

rajveeer 10th December 2017 08:07 AM

तेरी यादें
 
दोस्तों ख़याल मेरे हैं लेकिन आख़िर की दो लाइनें अरविंद जी जे इनसपायर हैं...

शाम ए ग़म और तनहा से हम
बारिश का मौसम और ऑंख नम
सामने काग़ज़,एक हाथ में क़लम
दूसरे में जाम लड़खड़ाते क़दम

और क्या चाहिए तेरी यादों को
बस दौड़ी चली आती हैं..........राज.

sameer'shaad' 14th June 2018 07:40 PM

subhaan Allah lajwaab kalaam pesh kiyaa hai aapne Raj saahab...

aapko padhna hamesha se sukhad raha hai.. ummeed hai aage bhi padhne ka awsar milta rahega....

Likhte rahen
Shaad...

Madhu 14 3rd August 2018 04:59 PM

Quote:

Originally Posted by rajveeer (Post 496345)
दोस्तों ख़याल मेरे हैं लेकिन आख़िर की दो लाइनें अरविंद जी जे इनसपायर हैं...

शाम ए ग़म और तनहा से हम
बारिश का मौसम और ऑंख नम
सामने काग़ज़,एक हाथ में क़लम
दूसरे में जाम लड़खड़ाते क़दम

और क्या चाहिए तेरी यादों को
बस दौड़ी चली आती हैं..........राज.

Waaaahhhhh.....

Likhte rahiye........

sunita thakur 4th August 2018 12:21 PM

Quote:

Originally Posted by rajveeer (Post 496345)
दोस्तों ख़याल मेरे हैं लेकिन आख़िर की दो लाइनें अरविंद जी जे इनसपायर हैं...

शाम ए ग़म और तनहा से हम
बारिश का मौसम और ऑंख नम
सामने काग़ज़,एक हाथ में क़लम
दूसरे में जाम लड़खड़ाते क़दम

और क्या चाहिए तेरी यादों को
बस दौड़ी चली आती हैं..........राज.


wahhhhh bahut khoob.........................


All times are GMT +5.5. The time now is 08:07 PM.

Powered by vBulletin® Version 3.8.5
Copyright ©2000 - 2020, Jelsoft Enterprises Ltd.