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Forum: Shayri-e-Dard 22nd November 2020, 10:01 PM
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Posted By zarraa
intiha par intiha hooN kar raha

इंतिहा पर इंतिहा हूं कर रहा
जाने क्या है वो ख़ला जो भर रहा

शौक़ तो जाता रहा आग़ोश का
पीठ पे पैवस्त पर ख़ंजर रहा

देने वाले ने तो भर डाला उसे
वो मेरा दामन ही कुछ कमतर रहा

मुझ से...
Forum: Shayri-e-Ishq 22nd November 2020, 09:59 PM
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Posted By zarraa
Waah ................................ waah

Waah ................................ waah
Forum: Ghazal Section 8th November 2020, 07:35 AM
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Posted By zarraa
vahi sab kuchh dobaara ho raha hai

नई रविशों से सारा हो रहा है
वही सब कुछ दोबारा हो रहा है

तुम्हें भी नफ़अ क्या इस के अलावा
कि औरों का खसारा हो रहा है

सितम होता है क्या इस में अजब है
अजब ये है गवारा हो रहा है

हटाओ ये...
Forum: Shayri-e-Sharaab 30th October 2020, 11:11 AM
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Posted By zarraa
hum phire dar-ba-dar sharaab ke baad

सब गए अपने घर शराब के बाद
हम फिरे दर-ब-दर शराब के बाद

कैसे घुल-मिल गए हैं आपस में
शाम-ओ-लैल-ओ-सहर शराब के बाद

हो गया तेरा काम पर ऐ दोस्त
दो घड़ी तो ठहर शराब के बाद

या तो पी ले शराब...
Forum: Shayri-e-Sharaab 30th October 2020, 11:09 AM
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Posted By zarraa
waah ............. bahaut khub

waah ............. bahaut khub
Forum: Ghazal Section 28th October 2020, 10:35 AM
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Posted By zarraa
apni parwaaz ko jab thaam liya hai hum ne

अपनी परवाज़ को जब थाम लिया है हम ने
आसमानों को तह-ए-दाम लिया है हम ने

ग़ैर तो ग़ैर उसे तू भी ना पहचान सका
ऐसी शिद्दत से तेरा नाम लिया है हम ने

जिस तबीअत से है ली साहिब-ए-महफ़िल से दाद
उस...
Forum: Ghazal Section 28th October 2020, 10:33 AM
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Posted By zarraa
waah ............................ bahaut khoob

waah ............................ bahaut khoob
Forum: Shayri-e-Dard 22nd October 2020, 03:36 AM
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Posted By zarraa
kya ye sach hai ki hamsafar ham haiN

क्या ये सच है कि हमसफ़र हम हैं
या के बस तेरी रहगुज़र हम हैं

हार जाते हैं आशियाने से
वरना कहने को तो शजर हम हैं

एक बस प्यार ही की हाजत है
और उस में भी बेहुनर हम हैं

हम ने चाहा नहीं...
Forum: Shayri-e-Ishq 22nd October 2020, 03:35 AM
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Posted By zarraa
Bahaut Khoob ............ waah

Bahaut Khoob ............ waah
Forum: Shayri-e-Dard 15th October 2020, 10:34 PM
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Posted By zarraa
dar-ba-dar apne ghar meN rahte haiN

हम तो दाइम सफ़र में रहते हैं
दर-ब-दर अपने घर में रहते हैं

जैसे जलते हुए मकां के मकीं
यूं किसी की नज़र में रहते हैं

महर-ओ-माह आसमान में ढूंढें
और वो बाम-ओ-दर में रहते हैं

घर की...
Forum: Shayri-e-Dard 15th October 2020, 10:33 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh waaahhhh ........ khoobsurat gazal

Waaahhhh waaahhhh ........ khoobsurat gazal
Forum: Shayri-e-Dard 15th October 2020, 10:32 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh ....................... waaahhhh

Waaahhhh ....................... waaahhhh
Forum: Shayri-e-Ishq 15th October 2020, 10:31 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh .................. waaahhhh

Waaahhhh .................. waaahhhh
Forum: Ghazal Section 9th October 2020, 07:35 PM
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Posted By zarraa
raaste humvaar karte hi gae

रास्ते हमवार करते ही गए
मंज़िलें मिस्मार करते ही गए

घर को वीराना बना डाला मगर
दश्त को गुलज़ार करते ही गए

सहन-ए-दिल खोला रफ़ीक़ों के लिए
वो इसे बाज़ार करते ही गए

हम ने भी दस्तक ना दी...
Forum: Ghazal Section 9th October 2020, 07:34 PM
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Posted By zarraa
Waaaahhhh ..................... khoob

Waaaahhhh ..................... khoob
Forum: Shayri-e-Ishq 9th October 2020, 07:33 PM
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Posted By zarraa
waahhh ....................... khoob

waahhh ....................... khoob
Forum: Ghazal Section 3rd October 2020, 07:48 PM
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Posted By zarraa
haalat na dekhiye mera pindaar dekhiye

हालत ना देखिये मेरा पिन्दार देखिये
दामन है तार तार तो दस्तार देखिये

ख़ल्वत में आ के पूछिये मत मुझ से मेरा हाल
मेरा तमाशा तो सर-ए-बाज़ार देखिये

जिन गेसुओं को ग़ैर पे खुलना है एक रोज़
उन को...
Forum: Ghazal Section 3rd October 2020, 07:47 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh .... waaahhhh .... bahaut hi khoob

Waaahhhh .... waaahhhh .... bahaut hi khoob
Forum: Shayri-e-Dard 3rd October 2020, 07:45 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh ............. Bahaut Khoob

Waaahhhh ............. Bahaut Khoob
Forum: Shayri-e-Ishq 26th September 2020, 11:44 AM
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Posted By zarraa
teri ada meN dhal gae

हम से गिला ना कर कि हम, तेरी अदा में ढल गए
हिज्र के दिन बढ़ा गए, वस्ल का दिन बदल गए

जितने भी ख़्वाब आए थे, सारे ही बे-अमल गए
कुछ हुए ग़र्क़ रात में, कुछ थे सुबह को जल गए

हम हैं कहां ये...
Forum: Shayri-e-Dard 26th September 2020, 11:43 AM
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Posted By zarraa
waah .....................,. bahaut khoob

waah .....................,. bahaut khoob
Forum: Shayri-e-Dard 21st September 2020, 12:27 PM
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Posted By zarraa
dil ke armaaN kisi se kya kahte

दिल के अरमां किसी से क्या कहते
सब थे बे-जां किसी से क्या कहते

ग़मगुसारों का था हुजूम मगर
तू ना था वां किसी से क्या कहते

चश्म-ए-पुर-नम ने राज़ खोल दिए
लब-ए-ख़न्दां किसी से क्या कहते

घर...
Forum: Shayri-e-Mashahoor Shayar 21st September 2020, 12:24 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh ..... waaahhhh .... behad khoobsurat...

Waaahhhh ..... waaahhhh .... behad khoobsurat gazal
Forum: Shayri-e-Ishq 21st September 2020, 12:22 PM
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Posted By zarraa
Waaahhhh ... bahaut khoobsurat gaza Shaad bhai...

Waaahhhh ... bahaut khoobsurat gaza Shaad bhai ... kaafi waqt baad aap ka kalaam dekhna achchha laga
Forum: Shayri-e-Dard 10th September 2020, 12:01 AM
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Posted By zarraa
tazmeeni gazal ... zindagi se hum

साहिर लुधयानवी की ग़ज़ल की तज़मीन की कोशिश, माज़रत के साथ

तंग आ चुके हैं कश्मकश-ए-ज़िंदगी से हम" #
दुनिया को लग रहा है कि हारे उसी से हम
# साहिर का मिसरा

ये कब कहा कि इस ने हमें कुछ...
Forum: Shayri-e-Dard 9th September 2020, 11:59 PM
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Posted By zarraa
bahaut khoob ..................... waah waaahhh

bahaut khoob ..................... waah waaahhh
Forum: Shayri-e-Dard 5th September 2020, 11:51 AM
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Posted By zarraa
guftugu hai vahi haalaat haiN kuchh aur hue

पस-ए-अल्फ़ाज़ इशारात हैं कुछ और हुए
गुफ़्तुगू है वही हालात हैं कुछ और हुए

राज़दारों की तलब उम्र के साथ और है पर
उम्र के साथ ही मोहतात हैं कुछ और हुए

बेअसर चाहें रहा मेरा हुनर अपनों पर...
Forum: Shayri-e-Dard 5th September 2020, 11:45 AM
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Posted By zarraa
Waah ................................. khoob

Waah ................................. khoob
Forum: Shayri-e-Dard 29th August 2020, 01:59 PM
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Posted By zarraa
kitne ajiib dhaNg se, ab ke sharaab pii gaii

कितने अजीब ढंग से, अब के शराब पी गई
पीने की भी तलब ना थी, पी के ना तिश्नगी गई

जलवे से हो के रू-ब-रू, और भी ग़मज़दा हुए
बाब-ए-क़फ़स पे फ़स्ल-ए-गुल, चेहरा दिखा चली गई

सीले हैं बेहिसी में...
Forum: Ghazal Section 29th August 2020, 01:58 PM
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Posted By zarraa
Waah ...................... khoob

Waah ...................... khoob
Forum: Shayri-e-Ishq 29th August 2020, 01:56 PM
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Posted By zarraa
Waah ...................... khoob

Waah ...................... khoob
Forum: Shayri-e-Dard 25th August 2020, 07:55 PM
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Posted By zarraa
tazmeeni nazm ... duniya

साहिर लुधियानवी की नज़्म की तज़मीन की कोशिश, माज़रत के साथ

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है" *

अगर मिल गई भी तो क्या देगी दुनिया
बस अपने ही जैसा बना देगी दुनिया
फिर इक दिन यक़ीनन दग़ा...
Forum: Shayri-e-Dard 20th August 2020, 12:09 PM
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Posted By zarraa
aadmi aadmi se baat kare

आदमी आदमी से बात करे
काम अपना ग़म-ए-हयात करे

अहल-ए-दुनिया से उठ रहा है यक़ीं
वो दग़ा मुझ से मेरी ज़ात करे

नूर जिस ने अता किया है मुझे
वो सुपुर्द-ए-सियाह-रात करे

कब बुरों को बुराई ने...
Forum: Shayri-e-Ishq 20th August 2020, 12:08 PM
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Posted By zarraa
khoobsurat ehsaas .......... waahh

khoobsurat ehsaas .......... waahh
Forum: Anjuman-e-Shayri 16th August 2020, 12:46 AM
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Posted By zarraa
bahaut khoob ....... waaaahhhhh

bahaut khoob ....... waaaahhhhh
Forum: Anjuman-e-Shayri 16th August 2020, 12:44 AM
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Posted By zarraa
nazm : khaak-e-watan

नज़्म : ख़ाक-ए-वतन

फूल गुलदान में सजा जैसे
या गुहर हार में जड़ा जैसे
जैसे पानी भरा हो बोतल में
घर में है घर से भी जुदा जैसे

एक मुद्दत से दौर-ए-हिजरत है
अब ये खाना-ब-दोशी क़िस्मत है ...
Forum: Shayri-e-Ishq 16th August 2020, 12:40 AM
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Posted By zarraa
Behad khoobsurat pyaari nazm ....... waaahhh

Behad khoobsurat pyaari nazm ....... waaahhh
Forum: Shayri-e-Dard 8th August 2020, 12:47 AM
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Posted By zarraa
jigar ke zakhm gine ek ek karte hue

दो-चार सब से हुए एक एक करते हुए
जिगर के ज़ख़्म गिने एक एक करते हुए

हमारे ज़ब्त का भी एहतराम होता रहा
उन्होंने ज़ुल्म किए एक एक करते हुए

बड़े सुकून से अब एक एक दिन गुज़रे
गुमां हैं टूट...
Forum: Shayri-e-Dard 8th August 2020, 12:46 AM
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Posted By zarraa
bahaut hi khoob ............... waaaahhh

bahaut hi khoob ............... waaaahhh
Forum: Shayri-e-Dard 8th August 2020, 12:44 AM
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Posted By zarraa
zabardast .......... waaaahhhhh

zabardast .......... waaaahhhhh
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