Shayri.com  

Go Back   Shayri.com > English/Hindi/Other Languages Poetry > Punjabi Poetry

Reply
 
Thread Tools Rate Thread Display Modes
Old
  (#41)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
15th January 2016, 11:22 AM

अमृता ने एक जगह लिखा है की वह इतिहास पढ़ती नही .इतिहास रचती है ..और यह भी अमृता जी का कहना है वह एक अनसुलगाई सिगरेट हैं ..जिसे साहिर के प्यार ने सुलगाया और इमरोज़ के प्यार ने इसको सुलगाये रखा ..कभी बुझने नही दिया ..अमृता का साहिर से मिलन कविता और गीत का मिलना था तो अमृता का इमरोज़ से मिलना शब्दों और रंगों का सुंदर संगम ....हसरत के धागे जोड़ कर वह एक ओढ़नी बुनती रहीं और विरह की हिचकी में भी शहनाई को सुनती रहीं ..

....अमृता प्रीतम.....


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
अमृता इमरोज़ के ख़त
Old
  (#42)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
अमृता इमरोज़ के ख़त - 16th January 2016, 11:22 AM

दुनिया के मशहूर प्रेम पत्र - अमृता इमरोज़ के ख़त

पाक मोहब्बत की कहानी बयां करते इन खतों का रुख़ जरा हिंदुस्तान की तरफ किया तो जर्ऱे-जर्ऱे में लैला मजनू, शीरी-फरहाद, हीर-रांझा के किस्से बिखरे नजर आये. पहला जर्रा उठाया तो अमृता प्रीतम का चेहरा नजर आया और दूसरा जर्रा उठाया तो इमरोज की सूरत नजर आनी ही थी. कुरान की आयत से इन खतों की हर इबारत आपकी रूह मे गहरे उतर जाती है... इमरोज अमृता को कई नामों से पुकारते थे। जीती...और आशी भी ....
इमरोज़
तुम्हारे और मेरे नसीब में बहुत फर्क है। तुम वह खुशनसीब इंसान हो, जिसे तुमने मुहब्बत की, उसने तुम्हारे एक इशारे पर सारी दुनिया वार दी। पर मैं वह बदनसीब इंसान हूं जिसे मैंने मुहब्बत की, उसने मेरे लिए अपने घर का दरवाजा बंद कर लिया। दु:खों ने अब मेरे दिल की उम्र बहुत बड़ी कर दी। अब मेरा दिल उम्मीद के किसी खिलौने के साथ नहीं खेल सकता।
- हर तीसरे दिन पंजाब के किसी न किसी अखबार में मेरे बम्बई में बिताए हुए दिनों का जिक्र होता है, बुरे से बुरे शब्द में. पर मुझे उनसे कोई शिकवा नहीं है क्योंकि उनकी समझ मुझे समझ सकने के काबिल नहीं है. केवल दर्द इस बात का है कि मुझे उसने भी नहीं समझा, जिसने कभी मुझसे कहा था, मुझे जवाब बना लो, सारे का सारा.मुझे अगर किसी ने समझा है तो वो तुम्हारी मेज की दराज में पड़ी हुई रंगों की बेजुबान शीशियां हैं, जिनके बदन मैं रोज पोंछती और दुलारती थी. वे रंग मेरी आंखों में देखकर मुस्कुराते थे, क्योंकि उन्होंने मेरी आंखों की जर का भेद पा लिया था. उन्होंने समझ लिया था कि मुझे तुम्हारी क्रिएटिव पॉवर से ऐसी ही मुहब्बत है. वे रंग तुम्हारे हाथों के स्पर्श के लिए तरसते रहते थे और मेरी आंखें उन रंगों से उभरने वाली तस्वीरों के लिए. वे रंग तुम्हारे हाथों का स्पर्श इसलिए मांगते थे क्योंकि दे वाण्टेड टु जस्टिफाई देयर एग्जिस्टेन्स. मैंने तुम्हारा साथ इसलिए चाहा था कि मुझे तुम्हारी कृतियों में अपने अस्तित्व के अर्थ मिलते थे. यह अर्थ मुझे अपनी कृतियों में भी मिलते थे, पर तुम्हारे साथ मिलकर यह अर्थ बहुत बड़े हो जाते थे. तुम एक दिन अपनी मेज पर काम करने लगे थे कि तुमने हाथ में ब्रश पकड़ा और पास रखी हुई रंग की शीशियों को खोला. मेरे माथे ने न जाने तुमसे क्या कहा, तुमने हाथ में लिए ब्रश पर थोड़ा सा रंग लगाकर मेरे माथे से छुआ दिया. न जाने वह मेरे माथे की कैसी खुदगरज मांग थी....

.............इमरोज का पत्र अमृता के नाम.................
26.12.60
जीती,
तुम जिन्दगी से रूठी हुई हो. मेरी भूल की इतनी सजा नहीं, आशी। यह बहुत ज्यादा है। यह दस साल का वनवास। नहीं-नहीं मेरे साथ ऐसे न करो। मुझे आबाद करके वीरान मत करो।
वह मेज, वह दराज, वे रंगों की शीशियां, उसी तरह रोज उस स्पर्श का इंतजार करते हैं, जो उन्हें प्यार करती थी और इनकी चमक बनती थी. वह ब्रश, वे रंग अभी भी उस चेहरे को, उस माथे को तलाश करते हैं, उसका इंतजार करते हैं जिसके माथे का यह सिंगार बनकर ताजा रहते थे, नहीं तो अब तक सूख गए होते. तुम्हारे इंत$जार का पानी डालकर मैं जिन्हें सूखने नहीं दे रहा हूं. पर इनकी ताजगी तुम्हारे साथ से ही है, तुम जानती हो। मैं भी तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं, रंगों में भी जिंदगी में भी.
तुम्हारा
इमरोज
(अमृता साहिर के प्रेम में दीवानी थीं जबकि इमरोज अमृता के प्यार में. अमृता और इमरोज ने एक बहुत सुंदर और पाक रिश्ता जिया उम्र भर। ये खत उसी की एक झलक हैं.)


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#43)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
16th January 2016, 11:25 AM

और आग का जलवा पानी पर चलने लगा
यह मैं की मिट्टी की प्यास थी
कि उसने तू का दरिया भी पी लिया
वह मैं की मिट्टी का हरा सपना
कि तू का जंगल उसे खोज़ लिया
यह मैं की माटी की गन्ध थी
और तू के अम्बर का इश्क था
कि तू का नीला- सा सपना
मिट्टी की सेज पर सोया
यह तेरे और मेरे मांस की सुगंघ थी
और यही आदि रचना थी
संसार की रचना तो बहुत बाद की बात है

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#44)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
16th January 2016, 11:26 AM

मैं, जो तेरी कुछ नहीं लगती

आसमान जब भी रात का
और रोशनी का रिश्ता जोड़ते...
सितारे मुबारकबाद देते..
क्यों सोचती हूँ मैं : अगर कहीं....
मैं, जो तेरी कुछ नहीं लगती

जिस रात के होठों ने कभी
सपने का माथा चूम लिया
ख़्यालों के पैरों में उस रात से
इक पायल-सी बज रही....

जब इक बिजली आसमान में
बादलों के वर्क़ उलटती
मेरी कहानी भटकती-
आदि ढूँढती, अन्त ढूँढती...

तेरे दिल की एक खिड़की
जब कहीं खड़क जाती
सोचती हूँ, मेरे सवाल की
यह कैसी जुर्रत है !

हथेलियों पर इश्क़ की
मेहँदी का कोई दावा नहीं
हिज्र1 का एक रंग है
और खुसबू है तेरे जिक़्र की

मैं, जो तेरी कुछ नहीं लगती

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#45)
Madhu 14
Moderator
Madhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud of
 
Madhu 14's Avatar
 
Offline
Posts: 5,135
Join Date: Jul 2014
Rep Power: 22
16th January 2016, 01:34 PM

bahut achcha laga padhna.......



अर्ज मेरी एे खुदा क्या सुन सकेगा तू कभी
आसमां को बस इसी इक आस में तकते रहे
madhu..
   
Reply With Quote
Old
  (#46)
masti
Moderator
masti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant futuremasti has a brilliant future
 
masti's Avatar
 
Offline
Posts: 1,109
Join Date: Jun 2003
Location: Mumbai
Rep Power: 32
20th January 2016, 10:44 PM

Wah di wah

Amrita ji zinda hoti aur ye thread dekhti to aapko gale lagaa leti.

Aap bohut acha kaam kar rahi hain. Hum bachon ke liye unhe padha zaroori hai.


-Apki Dost
Sarika
   
Reply With Quote
Old
  (#47)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
Smile 22nd January 2016, 02:45 PM

Quote:
Originally Posted by masti View Post
Wah di wah

Amrita ji zinda hoti aur ye thread dekhti to aapko gale lagaa leti.

Aap bohut acha kaam kar rahi hain. Hum bachon ke liye unhe padha zaroori hai.
Quote:
Originally Posted by Madhu 14 View Post
bahut achcha laga padhna.......



Dear Sarika and Madhu...bahut bahut shukriya jo aapne aakar es thread ko padha...aur muje housla diya ki maiN esko continue karuN.

Amrita ji ko padna aik sukhad ehsaas ki tarah hai...unke ehsaas muj meiN tum meiN sab meiN hai, bas aik baar ham unko padna shuru kar de to dil karta hai ki unka likha aik aik lafz pad le.

umeed hai aapka aage bhi yu hi pyar aur saath milta rhega.

pyar ke saath
dii


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#48)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
22nd January 2016, 02:46 PM

...मैं ...

बहुत समकालीन है
सिर्फ एक "मैं "मेरा समकालीन नहीं
"मैं "बिना मेरा जन्म
पुण्य की थाली में पड़ा
अपराध का एक शगुन है
मांस में बंदी हुआ
मांस का एक क्षण है

और मांस की हर जीभ पर
जब भी कोई लफ्ज आता
खुदकशी करता
जो खुदकशी से बचता
कागज़ पर उतरता
तो कत्ल होता है
और एक धुंआ हवा में तैरता है
और मेरा "मैं "
अठवान्सें बच्चे की तरह मरता है
क्या किसी दिन यह मेरा "मैं "
मेरा समकालीन बनेगा ?

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#49)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
22nd January 2016, 03:18 PM

अमृता प्रीतम जी ने अपनी इस किताब “मन मिर्ज़ा तन साहिबा” को पूर्णतः रजनीश जी को समर्पित
किया है।
उनके लफ्ज़ कभी ख्यालों के पैरों में पायल से बजते हैं तो कभी ज़िंदगी से थके हुए यात्री को हौंसला देते हैं। यह किताब अंतरचेतना को संगति प्रदान करती प्रतीत होती है।
अमृता जी कहती हैं “ मिर्ज़ा एक मन है जो साहिबा के तन में बसता है और जो यह अनुभव कर सका वही मुहब्बत के आलम को समझ सकता है। साहिबा व मिर्ज़ा के बदन उस पाक मस्ज़िद से हो गए हैं जहां पाँच नमाज़े बस्ता लेकर मोहब्बत की तालीम पाने आती हैं।“
वजूद की गहराई तक उतरती इस किताब में अमृता जी ने अपनी कुछ एक नज़्में भी पिरोयी हैं-

1.
अनुभव एक है असीम का - अनंत का,
पर एक रास्ता तर्क का है
जहां वह कदम कदम साथ चलता है,
और एक रास्ता वह है जहां तर्क एक ओर खड़ा
देखता रह जाता है॥

2.
जाने कितनी खामोशियाँ हैं
जो हमसे आवाज मांगती हैं
और जाने कितने गुमनाम चेहरे हैं
जो हमसे पहचान मांगते हैं॥


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#50)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
22nd January 2016, 03:24 PM

मेरे शहर की हर गली संकरी
मेरे शहर की हर छत नीची
मेरे शहर की हर दीवार चुगली

सोचा कि अगर तू कहीं मिले
तो समुन्द्र की तरह
इसे छाती पर रख कर
हम दो किनारों की तरह हंस सकते थे

और नीची छतों
और संकरी गलियों
के शहर में बस सकते थे….

पर सारी दोपहर तुझे ढूंढते बीती
और अपनी आग का मैंने
आप ही घूंट पिया

मैं अकेला किनारा
किनारे को गिरा दिया
और जब दिन ढलने को था
समुन्द्र का तूफान
समुन्द्र को लौटा दिया….

अब रात घिरने लगी तो तूं मिला है
तूं भी उदास, चुप, शान्त और अडोल
मैं भी उदास, चुप, शान्त और अडोल
सिर्फ- दूर बहते समुन्द्र में तूफान है…..

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#51)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
22nd January 2016, 03:26 PM

आदि चित्र मैं थी और शायद तू भी
मैं छाँव के भीतर थिरकती सी छाया
और तू भी शायद एक खाकी सा साया
अंधेरों के भीतर अंधरों के टुकड़े
पर वो परा-ऐतिहासिक समय की बात है

रातों और पेड़ों का अँधेरा था
जो तेरी और मेरी पोशाक थी
एक सूरज कि किरण आयी
वो दोनों के बदन में से गुज़री
और परे एक पत्थर पर अंकित हो गयी
सिर्फ़ अंगों की गोलाई थी,
चाँदनी की नोकें
ये दुनिया का आदि चित्र था
पत्तों ने हरा रँग भरा
बादलों ने दूधिया, अम्बर ने सिलेटी
और फूलों ने लाल, पीला, कासनी

चित्रों की कला तो बहुत बाद की बात है !

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
.
Old
  (#52)
paplupopat
Registered User
paplupopat will become famous soon enough
 
Offline
Posts: 268
Join Date: Jan 2003
Location: india.
Rep Power: 15
. - 27th January 2016, 06:59 PM

.................................................. .................................................. ..................................................


as you write more and more personal
it becomes more and more universal.
   
Reply With Quote
Old
  (#53)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 04:37 PM

वह रोज बस में रेडियो स्टेशन जाया करती थी, पंजाबी प्रोग्राम पेश करने। बस में जाती अमृता को देखकर मुझे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन मैं विवश था। मैं सोचता रहता, बस से, बस की भीड़ से अमृता को मुक्त करवाने के बारे में। अचानक मेरे काम के रुके हुए पैसे मुझे मिले, सोचा हुआ सच हो गया और बल्ले-बल्ले भी। नया स्कूटर आ गया और बस की बेआरामी चली गई। मैं अमृता को हर रोज रेडियो स्टेशन तक ले जाता और वापस भी ले आता। वह पीछे बैठी मेरी पीठ पर उंगलियों से कुछ लिखती रहती, मैंने कभी पूछा नहीं कि वह क्या लिखती है। अमृता ने खुद ही कहीं लिख दिया कि पीठ पर वह साहिर-साहिर लिखती रहती थी। साहिर लुधियानवी का नाम।

एक मुलाकात में मुझसे किसी ने पूछा कि मुझे बुरा नहीं लगता-अपनी पीठ पर लिखा साहिर। मैंने कहा कि इसमें बुरा ही क्या है? पीठ भी उसकी और नाम भी उनके मनचाहे का।

इमरोज़


Amrita - Imroz



Amrita - Sahir



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#54)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:05 PM

Sahir & Amrita - A Romance in ‪#‎Lahore‬-1940s


“Kabhie Kabhie Mere Dil Mein, Khayal Aata Hai, Ke Jaise, Tujhko Banaya Gaya Hai mere Liye, To Ab se Pehle Sitaron Mein Bas Rahi Thi Kabhi, Tujhe Zameen Pe Bulaya Gaya Hai Mere Liye"
- Sahir Ludhianvi’s real life story sounds like a movie script itself. He died on October 25, 1980.

Amrita met Sahir sometime around 1944 in Preet Nagar, a village between Lahore and Amritsar. She was at this time married to Pritam Singh, who was an editor, but theirs was not the best of marriages. Husband and wife were known to be on totally different wavelengths from the very beginning.

Amrita, in her mid-twenties at the time, had come to Preet Nagar to attend a mushaira which was being attended by Punjabi and Urdu poets. It was here that she saw and heard Sahir for the first time. She was immediately smitten by him. ‘I do not know whether it was the magic of his words or his silent gaze, but I was captivated by him,’ writes Amrita of the moment.

The mushaira ended only after midnight following which the guests bid goodbye to each other. The next morning they were supposed to go to the neighbouring township of Lopoki, from where a bus had been organized to take them back to Lahore.

However, the following morning they discovered that it had rained the previous night and the road they had to take to reach Lopoki had been rendered slippery and hazardous. Apparently, the sky had turned cloudy during the mushaira itself and it had started drizzling by the time the mushaira had drawn to a close. Amrita saw the hand of fate in all of this as she recalls, ‘Now, when I look back on that night, I can say that destiny had sown the seed of love in my heart which the rain nurtured.’

Desperate to go to Lopoki, the guests made their way ahead cautiously. It was in these circumstances that Amrita experienced her love blossoming for Sahir. She writes:

‘Walking at some distance from Sahir, I noticed that where his shadow was falling on the ground, I was being engulfed by it entirely. Uss waqt nahin jaanti thi ki baad ki zindagi ke kitne hi taptey huey saal mujhey usi ke saaye mein chalte huey kaatney hongey, ya kabhi-kabhi thak kar apne hi aksharon ki chhaya mein baithna hoga. Yeh akshar meri unn nazmo ke thay, jo maine Sahir ki mohabbat mein likhey, lekin unka koi zikr kabhi meri zabaan par nahin aaya (At that time I didn’t know I would spend so many years of my life in his shadow or that at times I would get tired and seek solace in my own words. These poems were written in Sahir’s love, but I never revealed the inspiration behind them publicly).’

Over the course of attending several such mushairas, the acquaintance between the two grew into a mutual affection.

Even in her autobiography, Raseedi Tikkat (Revenue Stamp), Amrita writes of the eloquent silence that characterized their relationship:

When Sahir would come to meet me in Lahore, it was as if an extension of my silence had occupied the adjacent chair and then gone away . . .

He would quietly smoke his cigarettes, putting out each after having finished only half of it. He would then light a new cigarette. After he would leave, the room would be full of his unfinished cigarettes . . .

I would keep these remaining cigarettes carefully in the cupboard after he left. I would only light them while sitting alone by myself. When I would hold one of these cigarettes between my fingers, I would feel as if I was touching his
hands . . .

This is how I took to smoking. Smoking gave me the feeling that he was close to me. He appeared, each time, like a genie in the smoke emanating from the cigarette.’

She also gives Sahir’s side of the story. ‘Sahir also told me, much later in life, “When both of us were in Lahore, I would often come close to your house and stand at the corner where I would sometimes buy a paan, or light a cigarette or hold a glass of soda in my hand. I would stand there for hours together watching that window of your house which opened towards the street.”’

Then, when the country was partitioned, Amrita moved with her husband and eventually settled down in Delhi. Sahir, as we already know, had established himself in Bombay a few years after Partition.

Amrita hit upon a novel idea to bridge the geographical distance between the two. She began to include her experiences with Sahir in her literary endeavours. His character featured prominently in the anthology of poems ‘Ik si Anita’ (A Girl Named Anita), the novel ‘Dilli Diyaa Galiyaan’ (The Bylanes of Delhi) and the collection of short stories ‘Aakhari Khat’ (Final Letter). Her poem ‘Sunehray’ (Messages), which fetched her the Sahitya Akademi Award in 1956, was also written for Sahir.





~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#55)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:06 PM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#56)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:07 PM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#57)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:09 PM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#58)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:13 PM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#59)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:15 PM

जब हर सितारा --
हर गर्दिश से गुज़र कर
तेरे सूरज के पास आने लगे
तो समझना
यह मेरी जुस्तजु है
जो हर सितारे में नुमायां हो रही...

Amrita Pritam

( "सातवीं किरण" )


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#60)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:19 PM

मेरी मौत


मेरी मौत एक पुरानी बात है
कभी-कभी उठती हूँ, सोचती हूँ----
चलूँ,नदी में फूल डाल आऊँ
लाश का कर्ज उतार आऊँ
हर घटना समझा सकती हूँ
यह घटना समझा नही सकती ।

-अमृता प्रीतम


Amrita ji ko jitna pad.ti hu utna hi kam lagta hai aur jayada padne ka dil hota hai, aise lagta hai jaise mera apna dard Amrita ji ki kalam se likha ja rha hai...aksar padte padte bahut udhas ho jati hu, phir Amrita ji ki likhi kisi aik line se etni himmat milti hai ki phir se zindgi ka muqabla karne ko khadi ho jati hu.


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#61)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
30th January 2016, 05:21 PM

हादसा


तेरे इश्क के हाथ से छूट गयी
और जिन्दगी की हन्डिया टूट गयी
इतिहास का मेहमान
मेरे चौके से भूखा उठ गया….

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#62)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 10:29 AM

बहुत साल हुए अमृता प्रीतम जी के घर पर एक मिलन में उन्होंने एक आलेख में मुझको Paul Potts की कविताओं के हिन्दी-अनुवाद दिए थे, और कुछ स्वयं सुनाए भी थे। आप सभी से साझा कर रहा हूँ निम्न पंक्तियाँ जो अमृता जी ने स्वयं सुनाई थीं......

-- विजय निकोर


अगर तुम उस औरत से प्यार करते हो
जो औरत तुम्हें प्यार न करती हो
उस समय एक ही इमानदार बात हो सकती है
कि तुम दूर चले जाओ
दूसरे शहर में, दूसरे देश में, दूसरी दुनियाँ में
कहीं भी चले जाओ
पर ज़िन्दगी का वास्ता है. चले जाओ।
तुम चाहे पूरी तरह टूट जाओ
पर ’ उसे ’ न यह देखने देना।
वह तुम्हें भिखारी बना क्यूँ देखे
वह जो तुममे एक बादशाह देख सकती थी।

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#63)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 10:30 AM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#64)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 10:32 AM

उम्र


उम्र के मायने
हर जगह नहीं चलते जनाब
उम्र तजुर्बे की हो सकती है
मुहब्बत की नहीं. .!!!
अमृता


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#65)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 10:33 AM

उम्र


उसने पूछा __कैसी हो ? ज़िन्दगी के दिन कैसे गुजरते रहे ..?
जवाब दिया __तेरे कुछ सपने थे .मैं उनके हाथों पर मेहन्दी रचाती रही .
उसने पूछा __लेकिन यह आँखों में पानी क्यूँ है ?
कहा ___यह आंसू नही सितारे हैं ...इनसे तेरी जुल्फे सजाती रही

उसने पूछा __इस आग को कैसे संभाल कर रखा ?
जवाब दिया _काया की दलिया में छिपाती रही
उसने पूछा __बरस कैसे गुजारे ?
कहा_ तेरे शौक की खातिर काँटों का वेश पहनती रही

उसने पूछा_ काँटों के जख्म किस तरह से झेले
कहा __दिल के खून में शगुन के सालू रंगती रही
उसने कहा _और क्या करती रही?
कहा__ कुछ नही तेरे शौक की सुराही से दुखों की शराब पीती रही

उसने पूछा __इस उम्र का क्या किया
कहा__ कुछ नही तेरे नाम पर कुर्बान कर दी .______________!

(अमृता प्रीतम)


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#66)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 03:21 PM

नींद के होंठों से जैसे
सपने की महक आती है
पहली किरण रात की
जब माँग में सिंदूर भरती है
~ अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
पूरी औरत
Old
  (#67)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
पूरी औरत - 2nd February 2016, 03:33 PM

पूरी औरत

पूरी औरत किसी-किसी को ही मिलती है...

अमृता जी के जन्मदिन पर इमरान खान जी की तरफ से इमरोज़ के संग की गयी एक ख़ास मुलाकात का जिक्र है इस लेख में .....

आम लोगों के लिए अमृता प्रीतम इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन वे आज भी जिंदा हैं।
हंसती-बोलती।
उन्हें देखने जाना होगा साऊथ दिल्ली के हौज खास इलाके में।
जहां मशहूर आर्टिस्ट इमरोज अमृता को जी रहे हैं।
शायराना लफ्जों में कहें तो एक जिस्म में दो शख्स जिंदा हैं।
इमरोज की जुबान से बोलतीं अमृता का अहसास उस घर की दरो-दीवार में यूं समाया हैं जैसे अमृता-इमरोज के भीतर मुहब्बत का समुन्दर।
इमरान खान साहब ने की इमरोज से खास मुलाकात..... जिसमें इन दो शख्सियतों के कई पहलु दिखाई दिये।
पेश हैं इस मुलाकात के चंद अहम हिस्सों के लफ्ज.....

आप कलाकार हैं, पर आज तक आपने अपनी कोई पेंटिंग बेची नहीं और ना ही कोई एग्जीबिशन लगाई, ऐसा क्यों....?

मैं आर्टिस्ट हूं यह बात मुझे पता है। मैं ये लोगों को क्यों बताऊं कि मैं आर्टिस्ट हूं। जिसे मेरी पेंटिंग पसंद होगी वो खुद आकर देख लेगा।
ना मुझे शौक है कि लोग मेरे बारे में जानें और ना ही अमृता को।
और हां अगर हम एग्जीबिशन लगाएं तो ऐसे लोग आएंगे जो हमें जानते ही नहीं, इसका क्या मतलब? ये सब फिजूल है।
मुझे पता होना चाहिए कि मैं आर्टिस्ट हूं और किसी को पता नहीं तो भी कोई बात नहीं। मैं और अमृता दोनों इसी तरह ही रहे हैं।
हर लेखक की किताब पर पहले 3-4 पेज की भूमिका होती है, जो दूसरे लोगों ने लिखी होती है। जो सीधा लेखक को ओब्लाइज करती हैं।
अमृता की लगभग 75 किताबें छपी हैं पर उसकी एक भी किताब पर मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा।
हम सिर्फ अपने लिए जिए हैं। मैं अमृता को जानता हूं, अमृता मुझे जानती है। दुनिया में एक ही आदमी काफी है आपको जानने के लिए।
सब समाज का रोना रोते हैं, आखिर समाज है कहां? आम आदमियों को ही आपने समाज का नाम दे रखा है।
मैं ही अमृता का समाज हूं और वो मेरी समाज है। बाकी किसी से हमें कुछ नहीं लेना।

आपका रहन-सहन कैसा था....?

हम सादे जीवन में ही यकीन रखते हैं। मैं और अमृता किसी को खाने पर नहीं बुलाते। ये तो हमारी मर्जी है कि हमें किसी को बुलाना है या नहीं। हम दोनों एक ही सब्जी से खाना खाते हैं। अगर किसी को बुलाते हैं तो उसके लिए सब्जी भी बनानी पड़ेगी। क्या जरूरत है ये सब करने की।
लोग नौकर क्यों रखते हैं, क्योंकि वह उन्हें आराम देते हैं। वह उनका ध्यान रखते हैं। मैं अपने कमरे में पेंटिंग बना रहा होता हूं। अमृता अपने कमरे में लिख रही होती है...
तो हमें नौकर का ध्यान रखना पड़ता, कि वो क्या कर रहा हैं, इसलिए हम नौकर नहीं रखते। अगर औरत घर में रहती है तो वो खाना क्यों नहीं बनाती।
अमृता इतनी बड़ी लेखिका है, आखिरी समय तक उसने खुद खाना बनाया है। मैं उसके साथ रसोई में काम करता हूं, दोनों मिल के सारा काम करते हैं। जो काम दो घंटों में होना था, वो एक घंटे में हो जाता है। हमें नहीं लगता लोगों को घर बुलाना जरूरी है।
हां अगर हम खाना खा रहे हैं और कोई आ जाए तो वह भी हमारे साथ खा ले, जो हम खा रहे हैं।


आप खुदा में यकीन रखते हैं?


लोग मंदिर, मस्जिद या गुरद्वारे क्यों जाते हैं? क्योंकि उन्होंने भगवान से कुछ मांगना होता है। क्या भगवान किसी का नौकर है? वह किस-किस के काम करता रहेगा। आप भगवान के पास सिर्फ मांगने जाते हैं। हमें किसी चीज की जरूरत नहीं, हम नहीं जाते। आप ऐसा क्यों कहते हैं कि अगर हमारा ये काम हो जाए तो हम हवन या और कुछ करवाएंगे, आप सीधा-सीधा भगवान को रिश्वत दे रहे हैं। अरे भगवान को तो छोड़ दीजिए। कोई कहता है भगवान मेरी शादी करवा दो। कोई कहता है मुझे पास करवा दो। और तो और चोर कहता है कि मेरी चोरी पर पर्दा डाले रखना। वो ये नहीं कहता कि मेरी चोरी की आदत छुड़वा दो। अगर आप सोचते हैं कि खुदा है तो आप सब चीजें उस पर छोड़ देते हैं। अगर सोचते हैं कि नहीं है तो आप दो तरीकों से सोचते हैं।
लोग कहते हैं कि सब कुछ भगवान की मर्जी से ही होता है। तो अगर किसी का मर्डर होता है, तो फिर वो भी भगवान की मर्जी से हुआ होगा। तो उसको क्यों पकड़ते हो?
भगवान को पकड़ो जाकर। मर्डर पर आकर बात बदल जाती है।

आप और अमृता मुशायरों में नहीं जाते, क्यों...?

मुशायरा और मूड का . सम्बन्ध ..होता है, हम उसमें फिट नहीं बैठते। मैं कभी मुशायरे में नहीं जाता, शायद अमृता एक बार गई है। मुशायरा सब शायरों को पसंद भी नहीं। शायर पर्दे के पीछे शराब पी रहे होते हैं और फिर शायरी शुरू कर देते हैं। पहले तो छोटे-मोटे शायरों को पढ़वाया जाता है, बड़े शायर तो आखिर में आते हैं, ताकि भीड़ बनी रहे। ऐसा करने की क्या जरूरत है, क्यों न उन अच्छे शायरों की ही ज्यादा नज्में सुन ली जाएं।

आपने अमृता जी के साथ अपना पहला जन्मदिन मनाया था, कैसा महसूस हुआ...?

अच्छा लगा। वो तो बाइचांस ही मना लिया। उसके और मेरे घर में सिर्फ एक सड़क का फासला था। मैं उससे मिलने जाता रहता था। उस दिन हम बैठे बातें कर रहे थे, तो मैंने उसे बताया कि आज के दिन मैं पैदा भी हुआ था। वो उठ कर बाहर गई और फिर आकर बैठ गई। हमारे गांव में जन्मदिन मनाने का रिवाज नहीं है, अरे पैदा हो गए तो हो गए। ये रिवाज तो अंग्रेजों से आया है। थोड़ी देर के बाद उसका नौकर केक लेकर आया, उसने केक काटा थोड़ा मुझे दिया और थोड़ा खुद खाया।
ना उसने मुझे हैप्पी बर्थडे कहा, ना मैंने उसे थैंक्यू। बस दोनों एक-दूसरे को देखते और मुस्कुराते रहे।


आप लगभग 40 सालों तक एक साथ रहे, फिर भी कभी प्यार का इजहार नहीं किया..?


इजहार करने की जरूरत क्या है। अगर कोई बिना कुछ बोले ही सब कुछ बोल दे तो क्या जरूरत है। 40 सालों में हमने एक-दूसरे को आई लव यू नहीं कहा। प्यार है तो है, बताने की क्या जरूरत है।
अगर मुझे कोई खूबसूरत लगता है तो लगता है। उसको खुद-ब-खुद अहसास हो जाएगा। अगर हम किसी को कहते हैं कि तुम मुझे खूबसूरत लगती हो, इसका मतलब कि हम कहना चाहते हैं कि मैं तुम्हें प्यार करता हूं और तुम भी मुझे प्यार करो।
प्यार को इजहार की जरूरत नहीं, इजहार तो कोशिश है प्यार बनाने की।

अमृता जी खाना बनाना कब शुरू किया था.....?

अमृता ने पहले कभी खाना नहीं बनाया था पर जब हम इक्ट्ठे रहते थे तो उसने खाना बनाना शुरू किया और आखिर तक बनाती रही। उसने मुझे बताया नहीं कि मैं खाना बनाऊंगी, बस बनाना शुरू कर दिया.....
जब आपकी आखें सब कुछ बोल रही हों तो लबों से बोलने की जरूरत नहीं होती। मुझे भी उसके साथ काम करना अच्छा लगता है। आम घरों में क्या होता है आदमी अखबार पढ़ रहा होता है और औरत अकेले खाना बनाती है। वो सिर्फ ऑर्डर करता है, कभी चाय लाओ तो कभी पानी। मदद करने किचन में नहीं जाता। वो तो सिर्फ हुक्म देता रहता है।
औरत जिस्म से भी बहुत आगे है और ऐसे लोगों को पूरी औरत नहीं मिलती। पूरी औरत उसी को मिलती है जिसे वो चाहती है।

उनका कमरा घर की शुरुआत में और आपका आखिर में, ऐसा क्यों....?

मैं एक आर्टिस्ट हूं और वो लेखिका। पता नहीं कब वो लिखना शुरू कर दे और मैं पेंटिंग करना।
इतना बड़ा घर होता है। फिर भी पति-पत्नी एक बिस्तर पर क्यों सोते हैं? क्योंकि उनका मकसद कुछ और होता है। हमारा ऐसा कुछ मकसद नहीं, इसलिए हम अलग सोते हैं। सोते वक्त अगर मैं हिलता तो उसे परेशानी होती और अगर वो हिलती तो मुझे। हम एक-दूसरे को कोई परेशानी नहीं देना चाहते।
आज शादियां सिर्फ औरत का जिस्म पाने के लिए होती हैं। मर्द के लिए औरत सिर्फ सर्विंग वूमैन है, क्योंकि वह नौकर से सस्ती है। ऐसे लोगों को औरत का प्यार कभी नहीं मिलता। आम आदमी को औरत सिर्फ जिस्म तक ही मिलती है। प्यार तो किसी किसी को ही मिलता है।

अब आपका रहन-सहन कैसा है...?

अब मैं घर में ही रहता हूं, क्या जरूरत है बाहर जाने की। कविताएं लिखता हूं, पेंटिंग करता हूं, खुश हूं अपनी जिंदगी से।
हां कभी-कभी सब्जी लेने जरूर चला जाता हूं।


आज कल के लोगों के बारे में क्या कहेंगे.....?


आज कल कोई जिंदा नहीं है। सब डेड हो चुके हैं। जो माफी नही मांग सकता वो मर चुका है क्योंकि जिंदा आदमी कभी न कभी एक बार तो अपनी गलती का अहसास करता है।


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#68)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 03:39 PM

३ जून १९६३ के अमृता प्रीतम जी से मेरे प्रथम मिलन के संस्मरण से कुछ भाग प्रस्तुत है.....

विजय० ... "धर्मयुग में आपकी कविता अभी हाल में ही पढ़ी थी, जिसमें आपने लिखा है,
.... ‘विरह के नीले खरल में हमने ज़िन्दगी का काजल पीसा
रोज़ रात को आसमान आता है और एक सलाई माँगता है’


अमृता जी० ... " अच्छा वह!"

विजय० ... " उसमें एक चीज़ मेरे लिए clear नहीं हुई। वहाँ पर आपने ‘नीला खरल’ कैसे कहा है?"

अमृता जी० ... " वह पंजाबी में इस तरह है जी कि ... आप पंजाबी जानते हैं क्या, तो मैं आपको पंजाबी में ही बताती हूँ।

विजय० ... " जी, मैं भी पंजाबी हूँ... बोलता हूँ, समझता हूँ। आप गुजरांवाला से हैं, मेरा परिवार मुलतान से है ... मैं लाहोर में पैदा हुआ था।"

अमृता जी० ... " अच्छा, फिर तो पंजाबी में ही अच्छी तरह बात कर लेंगे।"


अब वह "नीले खरल" पर प्रश्न का उत्तर पंजाबी में देने लगीं। उनके मुँह से पंजाबी सुन कर मुझको बहुत अच्छा लगा, कि जैसे वह मुझको अब कुछ ही देर में "अपना" मान रही हैं। उनके चेहरे पर भी मुझको कुछ और सरलता का आभास हुआ ... बहुत सादगी दिख रही थी उनमें। इतने ऊँचे स्तर पर.. इतनी सादगी! उनमें अहम नहीं दिख रहा था।


अमृता जी० ...(पंजाबी में) अनुवाद नीचे दिया है.." ए खरल होंदा ए न, जिदे विच ए कुटदे ने, ओ नीले पत्थर दा बंढ़या होंदा ए। ऐ इक बड़ा ई खूबसूरत पत्थर होंदा वे, ते ओदे अंदर जिवें ज़िन्दगी दा सुर्मा पीसढ़ाँ होवे ... ऐथे ओदी गल कीती ए।

अनुवाद: यह ओखली होती है न जिसमें किसी चीज़ को कूटते हैं, वह नीले पत्थर की बनी होती है। यह एक बहुत ही खूबसूरत पत्थर होता है, तो उसमें जैसे ज़िन्दगी का सुर्मा पीसना हो ... यहाँ उसकी बात करी है।


विजय०... "और आगे आपने कहा, ‘रोज़ रात को आसमान आता है और एक सलाई माँगता है’.. this gives a beautiful analogy to life!

अमृता जी०... "पंजाबी में सुनाऊँ? ... रोज़ रातीं अम्बर आंदा ए, ते इक सलाई मंगदा ए।"

विजय०... "इतने थोड़े-से शब्दों में आपने ज़िन्दगी की कि-त-नी गहराई दे दी है!

सच, हम विरह को रात को ही ज़्यादा अनुभव करते हैं .. नींद के समय।


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
राह के हादसे
Old
  (#69)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
राह के हादसे - 2nd February 2016, 03:44 PM

राह के हादसे


क़लम ने आज गीतों का क़ाफ़िया तोड़ दिया
मेरा इश्क़ यह किस मुकाम पर आ गया है

देख नज़र वाले, तेरे सामने बैठी हूँ
मेरे हाथ से हिज्र का काँटा निकाल दे

जिसने अँधेरे के अलावा कभी कुछ नहीं बुना
वह मुहब्बत आज किरणें बुनकर दे गयी

उठो, अपने घड़े से पानी का एक कटोरा दो
राह के हादसे मैं इस पानी से धो लूंगी...


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#70)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 03:46 PM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#71)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 03:47 PM

"मैं तुझे फिर मिलूँगी"


मैं तुझे फिर मिलूँगी
कहाँ कैसे पता नहीं
शायद तेरे कल्पनाओं
की प्रेरणा बन
तेरे केनवास पर उतरुँगी
या तेरे केनवास पर
एक रहस्यमयी लकीर बन
ख़ामोश तुझे देखती रहूँगी
मैं तुझे फिर मिलूँगी
कहाँ कैसे पता नहीं
या सूरज की लौ बन कर
तेरे रंगो में घुलती रहूँगी
या रंगो की बाँहों में बैठ कर
तेरे कैनवास पर बिछ जाउँगी
पता नहीं कहाँ किस तरह
पर तुझे ज़रुर मिलूँगी
या फिर एक चश्मा बनी
जैसे झरने से पानी उड़ता है
मैं पानी की बूँदें
तेरे बदन पर मलूँगी
और एक शीतल अहसास बन कर
तेरे सीने से लगूँगी
मैं और तो कुछ नहीं जानती
पर इतना जानती हूँ
कि वक्त जो भी करेगा
यह जनम मेरे साथ चलेगा
यह जिस्म ख़त्म होता है
तो सब कुछ ख़त्म हो जाता है
पर यादों के धागे
कायनात के लम्हें की तरह होते हैं
मैं उन लम्हों को चुनूँगी
उन धागों को समेत लुंगी
मैं तुझे फिर मिलूँगी
कहाँ कैसे पता नहीं
मैं तुझे फिर मिलूँगी !!

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#72)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
2nd February 2016, 03:48 PM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#73)
Madhu 14
Moderator
Madhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud of
 
Madhu 14's Avatar
 
Offline
Posts: 5,135
Join Date: Jul 2014
Rep Power: 22
3rd February 2016, 01:03 PM

Quote:
Originally Posted by sunita virender View Post
Waaah bas waah hee kah sakti hun main....



अर्ज मेरी एे खुदा क्या सुन सकेगा तू कभी
आसमां को बस इसी इक आस में तकते रहे
madhu..
   
Reply With Quote
Old
  (#74)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
4th February 2016, 12:00 PM



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#75)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
5th February 2016, 10:35 AM

हथेलियों पर
इश्क की मेहदी का कोई दावा नही
हिज़्र का एक रंग है
और तेरे ज़िक्र की एक खूशबू...

मै.. जो तेरी कुछ नही लगती......................!!!

-अमृता प्रीतम




~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#76)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
6th February 2016, 04:24 PM

दरिया के किनारे


कल हम दोनों ने एक पुल जलाया था
और दरिया के किनारों की तरह नसीब बांटे थे
बदन झटके
तो एक बदन की वीरानी इस पार थी
और एक बदन की वीरानी उस किनारे

फिर ऋतुओं ने जो भी फूल दिए
तो तुमने भी वो बदन से तोड़ लिए
और मैंने भी वो ऋतुओं को लौटा दिए
और झडे हुए पत्तों की तरह
कितने ही बरस हमने पानी में बहा दिए

बरस बीत गए par पानी नहीं सूखे
और बहते पानियों में से
परछाइयाँ तो देखीं पर मुंह नहीं देखे

और इससे पहले
की कुछ दूरी पर खड़े हम मिट जाएँ
चलो बे पत्ते से बदन पर पानी बिछाएं
तुम अपने बदन पर पैर रखना
और आधे दरिया को पार कर आना
मैं अपने बदन पर पैर रखूंगी
तुम्हें आगे बढ़कर मिलूंगी...
- अमृता प्रीतम





~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#77)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
6th February 2016, 04:25 PM

मेरा शहर

मेरा शहर एक लम्बी बहस की तरह है
सड़कें - बेतुकी दलीलों सी…
और गलियां इस तरह
जैसे एक बात को कोई इधर घसीटता
कोई उधर

हर मकान एक मुट्ठी सा भिंचा हुआ
दीवारें-किचकिचाती सी
और नालियां, ज्यों मूंह से झाग बहती है

यह बहस जाने सूरज से शुरू हुई थी
जो उसे देख कर यह और गरमाती
और हर द्वार के मूंह से
फिर साईकिलों और स्कूटरों के पहिये
गालियों की तरह निकलते
और घंटियां हार्न एक दूसरे पर झपटते

जो भी बच्चा इस शहर में जनमता
पूछता कि किस बात पर यह बहस हो रही?
फिर उसका प्रश्न ही एक बहस बनता
बहस से निकलता, बहस में मिलता…

शंख घंटों के सांस सूखते
रात आती, फिर टपकती और चली जाती

पर नींद में भी बहस खतम न होती
मेरा शहर एक लम्बी बहस की तरह है…

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#78)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
6th February 2016, 04:26 PM

एक पाकीजगी जो तुममे देखी है , वह मैने किताबों मे पढी़ तो जरूर है , लेकिन आैर किसी परिचित चेहरे मे नही देखी...

-Amrita pritam


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#79)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
6th February 2016, 04:28 PM

रात जाने कितनी काली है
उम्र को जला के देख लिया
चाँद-सूरज कैसे चिराग है
कोई जल नही पाता...

-अमृता प्रीतम





~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Old
  (#80)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,134
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
6th February 2016, 04:33 PM

अमृता ने इमरोज़ का इन्तजार किस शिद्दत से किया .वह प्यार जब बरसा तो फ़िर दीन दुनिया की परवाह किए बिना बरसा और खूब बरसा ..

यह कैसी चुप है
कि जिसमें पैरों की आहट शामिल है
कोई चुपके से आया है --
चुप से टूटा हुआ --
चुप का टुकडा --
किरण से टूटा हुआ
किरण का कोई टुकडा
यह एक कोई "'वह'' है
जो बहुत बार बुलाने पर भी
नही आया था |
और अब मैं अकेली नहीं
मैं आप अपने संग खड़ी हूँ
शीशे की सुराही में
नज़रों की शराब भरी है --
और हम दोनों जाम पी रहे हैं
वह टोस्ट दे रहा उन लफ्जों के
जो सिर्फ़ छाती में उगते हैं यह अर्थों का जश्न है ---
मैं हूँ ,वह है ..
और शीशे की सुराही में --
नज़रों की शराब है ...

-अमृता प्रीतम


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Reply

Thread Tools
Display Modes Rate This Thread
Rate This Thread:

Posting Rules
You may not post new threads
You may not post replies
You may not post attachments
You may not edit your posts

BB code is On
Smilies are On
[IMG] code is On
HTML code is Off

Forum Jump



Powered by vBulletin® Version 3.8.5
Copyright ©2000 - 2017, Jelsoft Enterprises Ltd.
vBulletin Skin developed by: vBStyles.com