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ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....
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ruchika
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Post ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर.... - 22nd February 2018, 09:29 AM

ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....
थक गयी हूँ तय करते करते यूँ सफर ...
कहीं तो थम …कहीं तो ठहर.....
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....

बीती जा रही है यूँ ही उम्र मेरी...
खोज में तलाश ऐ सुकन… राहत ऐ मर्ज़ की …
कुछ तो इसकी मदद कर....
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....

मिटती जा रही है लकीरें इन हाथों की...
बढ़ती जा रही है माथे की शिकन...
कुछ तो इन लक्कीरों की कद्र कर….
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....


Ek tere bagair hai Zindagi ki Gujar…..
Bata main kya karu….
Sare zamane ki Mohabbat leker…..

   
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Madhu 14
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Madhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud of
 
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20th March 2018, 06:43 PM

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Originally Posted by ruchika View Post
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....
थक गयी हूँ तय करते करते यूँ सफर ...
कहीं तो थम …कहीं तो ठहर.....
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....

बीती जा रही है यूँ ही उम्र मेरी...
खोज में तलाश ऐ सुकन… राहत ऐ मर्ज़ की …
कुछ तो इसकी मदद कर....
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....

मिटती जा रही है लकीरें इन हाथों की...
बढ़ती जा रही है माथे की शिकन...
कुछ तो इन लक्कीरों की कद्र कर….
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....
waah ruchika ji..zindi kahaan thamti hai kisike liye kab sabra karti hai....
likhti rahiye....



अर्ज मेरी एे खुदा क्या सुन सकेगा तू कभी
आसमां को बस इसी इक आस में तकते रहे
madhu..
   
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MANOJTANHA
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MANOJTANHA is on a distinguished road
 
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Thumbs up 15th April 2018, 12:23 PM

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Originally Posted by ruchika View Post
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....
थक गयी हूँ तय करते करते यूँ सफर ...
कहीं तो थम …कहीं तो ठहर.....
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....

बीती जा रही है यूँ ही उम्र मेरी...
खोज में तलाश ऐ सुकन… राहत ऐ मर्ज़ की …
कुछ तो इसकी मदद कर....
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....

मिटती जा रही है लकीरें इन हाथों की...
बढ़ती जा रही है माथे की शिकन...
कुछ तो इन लक्कीरों की कद्र कर….
ऐ ज़िन्दगी थोड़ा तो सब्र कर....
wah ruchika jee khu likha hai aapne
   
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