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yaar ki tareef
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brijbhan singh
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brijbhan singh is on a distinguished road
 
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yaar ki tareef - 2nd October 2016, 07:38 PM

ये जो तुम इतनी प्यारी हो
भाड़ में जाओ कौन सा हमारी हो

तुम्हे ले जायेगा कोई आरक्षण वाला
हम सामान्य वर्ग के है और तुम नोकरी सरकारी हो

न तुम चन्दा की चांदनी हो , न तुम सुरमयी रात हो
तुम तो न लाइलाज बीमारी हो

बेटू बाबा सोना कहके चूतिया बनाती हो
तुम तो नागासाकी और हिरोशिमा पर अमेरिका की बमबारी हो

तुम्हारी तारीफ न करे तो गुसिया जाती हो
तुम न नवज़ात शिशु की रुदन किलकारी हो

समझती पता नहीं खुद को क्या हो
पर असल में तुम मूर्खो की होशियारी हो

ब्रज को इश्क़ तो बहुत है तुमसे
पर घबरा जाते है क्यूंकि वजन में तुम हमसे भारी हो


BRIJBHANSINGH'Brij'
   
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