Shayri.com  

Go Back   Shayri.com > Lyrics > Hindi/Urdu Lyrics

Reply
 
Thread Tools Rate Thread Display Modes
वो भूली दास्ताँ....
Old
  (#1)
Madhu 14
Moderator
Madhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud ofMadhu 14 has much to be proud of
 
Madhu 14's Avatar
 
Offline
Posts: 5,161
Join Date: Jul 2014
Rep Power: 22
वो भूली दास्ताँ.... - 20th December 2014, 05:37 PM

वो भूली दास्ताँ, लो फिर याद आ गयी
नजर के सामने, घटा सी छा गयी

कहाँ से फिर चले आये, ये कुछ भटके हुए साए
ये कुछ भूले हुए नगमे, जो मेरे प्यार ने गाये
ये कुछ बिछडी हुयी यादे, ये कुछ टूटे हुए सपने
पराये हो गए तो क्या, कभी ये भी तो थे अपने
न जाने इनसे क्यों मिलकर नजर शरमा गयी

उमीदों के हँसी मेले, तमन्नाओके वो रेले
निगाहोंने निगाहोंसे अजब कुछ खेल थे खेले
हवा में जुल्फ लहराई, नजर पे बेखुदी छाई
खुले थे दिल के दरवाजे, मोहब्बत भी चली आई
तमन्नाओकी दुनियाँ पर जवानी छा गयी

बड़े रंगी जमाने थे, तराने ही तराने थे
मगर अब पूंछता हैं दिल, वो दिन थे या फ़साने थे
फकत एक याद हैं बाकी, बस एक फर्याद हैं बाकी
वो खुशियाँ लूट गयी लेकीन, दिल-ए-बरबाद हैं बाकी
कहाँ थी जिन्दगी मेरी, कहाँ पर आ गयी



अर्ज मेरी एे खुदा क्या सुन सकेगा तू कभी
आसमां को बस इसी इक आस में तकते रहे
madhu..
   
Reply With Quote
Old
  (#2)
sunita thakur
Moderator
sunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.comsunita thakur is the among the best Shayars at Shayri.com
 
sunita thakur's Avatar
 
Offline
Posts: 15,145
Join Date: May 2006
Location: Chandigarh (Mohali)
Rep Power: 57
20th December 2014, 05:48 PM

Quote:
Originally Posted by Madhu 14 View Post
वो भूली दास्ताँ, लो फिर याद आ गयी
नजर के सामने, घटा सी छा गयी

कहाँ से फिर चले आये, ये कुछ भटके हुए साए
ये कुछ भूले हुए नगमे, जो मेरे प्यार ने गाये
ये कुछ बिछडी हुयी यादे, ये कुछ टूटे हुए सपने
पराये हो गए तो क्या, कभी ये भी तो थे अपने
न जाने इनसे क्यों मिलकर नजर शरमा गयी

उमीदों के हँसी मेले, तमन्नाओके वो रेले
निगाहोंने निगाहोंसे अजब कुछ खेल थे खेले
हवा में जुल्फ लहराई, नजर पे बेखुदी छाई
खुले थे दिल के दरवाजे, मोहब्बत भी चली आई
तमन्नाओकी दुनियाँ पर जवानी छा गयी

बड़े रंगी जमाने थे, तराने ही तराने थे
मगर अब पूंछता हैं दिल, वो दिन थे या फ़साने थे
फकत एक याद हैं बाकी, बस एक फर्याद हैं बाकी
वो खुशियाँ लूट गयी लेकीन, दिल-ए-बरबाद हैं बाकी
कहाँ थी जिन्दगी मेरी, कहाँ पर आ गयी


Dear Madhu.......muje purane hindi songs behad pasand hain. thanx for sharing


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


.....Sunita Thakur.....

यह कह कर मेरा दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ गया
....के तेरे अपने ही बहुत हैं तुझे रुलाने के लिए...


   
Reply With Quote
Reply

Thread Tools
Display Modes Rate This Thread
Rate This Thread:

Posting Rules
You may not post new threads
You may not post replies
You may not post attachments
You may not edit your posts

BB code is On
Smilies are On
[IMG] code is Off
HTML code is Off

Forum Jump



Powered by vBulletin® Version 3.8.5
Copyright ©2000 - 2018, Jelsoft Enterprises Ltd.
vBulletin Skin developed by: vBStyles.com