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Search: Posts Made By: MANOJTANHA
Forum: Ghazal Section 3rd May 2022, 02:42 PM
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Posted By MANOJTANHA
Smile शुक्रिया जारा जी। बस यूं ही हौसला अफजायी करते...

शुक्रिया जारा जी। बस यूं ही हौसला अफजायी करते रहें।
Forum: Ghazal Section 1st April 2022, 12:04 PM
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Posted By MANOJTANHA
क्यों आती हैं वो यादें अभी भी

क्यों आती हैं वो यादें अभी भी
क्यों सताती हैं वो बातें अभी भी

भुलाना चाहते थे जिन दिनों को हम
जगाते हैं क्यों वो रातों को अभी भी

शिकायतें जो रहतीं थी उनको कभी
शिरकत क्यों करतीं हैं ज़िन्दगी...
Forum: Aapki Shayri 30th November 2021, 01:25 PM
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Posted By MANOJTANHA
bahut khub ruchika ji par ye hasratai aur...

bahut khub ruchika ji
par ye hasratai aur khwaab agar bane rahenge, to zindagi berukhi nahi ek rangbirangi titli see lagegi idhar se udhar eak bagiya se dusri bagiya tak udti hui aur phoolon ka ras...
Forum: Shayri-e-Dard 6th June 2021, 03:45 PM
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Posted By MANOJTANHA
यार बचपन का फिर कोई पुराना मिले

यार बचपन का फिर कोई पुराना मिले
काश गुजरा हुआ फिर वो जमाना मिले

बिसरी हुई यादों को हवा देने का हमें
कोई तो साजो-समाँ औ ठिकाना मिले

कौन कमबख्त चाहता है होश में आना
नशा-ए-यारी में डूबने का कोई...
Forum: Shayri-e-Dard 6th June 2021, 03:43 PM
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Posted By MANOJTANHA
टूटा हुआ पत्ता और जीवन

आज एक और पत्ता झड़ गया अपनी टहनी से
ना ना कोई सूखा पत्ता नही था ये
ना ही है कोई पतझड़ का मौसम ये
ये तो एक हरा भरा पत्ता था
और अभी तो पूरी तरह पनपा भी नही था
एक बसन्त भी उसने अभी देखा नहीं था
सोच...
Forum: Shayri-e-Ishq 19th January 2021, 09:39 PM
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Posted By MANOJTANHA
खता

आज फिर हमसे एक खता हो गयी
आज फिर वो हमसे खफा हो गयीं ॥

सुलझाना चाह्ता था मै तो उलझनो को
लो एक और नयी उलझन खडी हो गयी ॥

लूटना चाहता है जो ये जमाना फिर से हमको
तो इसमे कौन सी नयी बात हो गयी॥
...
Forum: Shayri-e-Ishq 19th January 2021, 09:34 PM
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Posted By MANOJTANHA
धन्यवाद शाद भाइ। बस कभी कभी लिख लेते हैं.हौसला...

धन्यवाद शाद भाइ। बस कभी कभी लिख लेते हैं.हौसला बढाने के लिये शुक्रिया
Forum: Shayri-e-Ishq 19th January 2021, 09:32 PM
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Posted By MANOJTANHA
Love धन्यवाद आप इसी तरह हमारा हौसला बढाते रहे.

धन्यवाद आप इसी तरह हमारा हौसला बढाते रहे.
Forum: Anjuman-e-Shayri 13th August 2019, 01:23 AM
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Posted By MANOJTANHA
मैं कौन हूं

मैं कौन हूँ , कौन हूँ मैं,
अकसर पूँछा करता हूँ मैं ये सवाल ख़ुद से
हर बार मिलता है पर एक अलग जवाब
फिर कौन हूँ मैं कौन

कभी बेटा तो कभी पति
कभी बाप तो कभी भाई
नहीं कुछ और भी हूँ मैं
पर क्या...
Forum: Shayri-e-Ishq 14th June 2019, 03:24 PM
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यादों को मैं तेरी भुला पाता कैसे

यादों को मैं तेरी भुला पाता कैसे
तस्वीर मैं वो आँखों से मिटा पाता कैसे| यादों को मैं तेरी

तेरी साँसों की ख़ुशबुओं में डूबे वो हँसी पल
अपनी साँसों से मैं अलग कर पाता कैसे| यादों को मैं...
Forum: Shayri-e-Dard 14th June 2019, 03:12 PM
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Posted By MANOJTANHA
बेरुख़ी

इतनी दुआएँ भी ना दे
दुआ देने वाले
कि ये सदाऐं
एक श्राप बन जाये
दे सके तो कुछ
बददुआएें ज़रूर दे दे
शायद उसकी बेरुख़ी का
मलाल कुछ कम हो जाये
Forum: Aapki Shayri 14th June 2019, 03:02 PM
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Posted By MANOJTANHA
YE ZINDAGI KUCH AISI HEE CHALTI HAI. kABHI DHUP...

YE ZINDAGI KUCH AISI HEE CHALTI HAI. kABHI DHUP TO KABHI CHAON.

BAHUT KHUB RUCHIKA JEE
Forum: Aapki Shayri 14th June 2019, 02:59 PM
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Posted By MANOJTANHA
मैं कौन हूँ , कौन हूँ मैं

मैं कौन हूँ , कौन हूँ मैं,
अकसर पूँछा करता हूँ मैं ये सवाल ख़ुद से
हर बार मिलता है पर एक अलग जवाब
फिर कौन हूँ मैं कौन

कभी बेटा तो कभी पति
कभी बाप तो कभी भाई
नहीं कुछ और भी हूँ मैं
पर क्या ...
Forum: Aapki Shayri 19th July 2018, 01:25 PM
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तू खफा, मैं बेवफा, दोनो की अदा ही निराली है।

तू खफा, मैं बेवफा,
दोनो की अदा ही निराली है।
Forum: Shayri-e-Ishq 23rd June 2018, 02:19 PM
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बिछड़ने का दर्द क्या होता है ये हमसे पूछो बिछड़...

बिछड़ने का दर्द क्या होता है ये हमसे पूछो
बिछड़ कर मिलने वाले क्या जाने इस दर्द का एहसास
Forum: Shayri-e-Ishq 23rd June 2018, 02:16 PM
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तू खफा, मैं बेवफा, दोनो की अदा ही निराली है। ...

तू खफा, मैं बेवफा,
दोनो की अदा ही निराली है।

मनोज तन्हा
Forum: Aapki Shayri 19th June 2018, 05:16 PM
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Posted By MANOJTANHA
इस नज़्म की एक लाइन भुल गया था अब पुरी नज़्म फिर से...

इस नज़्म की एक लाइन भुल गया था अब पुरी नज़्म फिर से लिख रहा हुं


तन्हा जिया करते हैं हम अपनी जिंदगी
उदासियों के साये में, किसी को बता न देना,
कि कहीं ये अँधेरे ना हमसे छिन जाये,
वजह ये नहीं...
Forum: Shayri-e-Dard 19th June 2018, 05:00 PM
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बहुतबहुत शुक्रिया शाद जी | मेरी खुश्नसीबी जो आपको...

बहुतबहुत शुक्रिया शाद जी | मेरी खुश्नसीबी जो आपको मेरे एह्सास पसंद आये |
Forum: Shayri-e-Dard 8th May 2018, 04:33 PM
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Posted By MANOJTANHA
मलाल जीने का दिल में मेरे कभी ना आया होता, गर...

मलाल जीने का दिल में मेरे कभी ना आया होता,
गर दिल में उसके, एक छोटा सा कोना मिल गया होता|

मनोज तन्हा
Forum: Shayri-e-Dard 8th May 2018, 04:22 PM
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तन्हायी, तन्हायी का ये आलम, तन्हायी ही का तो...

तन्हायी, तन्हायी का ये आलम, तन्हायी ही का तो सहारा है,
इस तन्हायी को तो मत छीन ए खुद्गर्ज ज़माने |


मनोज तन्हा
Forum: Shayri-e-Dard 21st April 2018, 12:07 AM
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kisne kaha thaa ki wafa tum karo, itne nasamajh...

kisne kaha thaa ki wafa tum karo,
itne nasamajh to tum kabhi naa the.

bahut khub dhaval jee.

ye wafa aur bewafai kaa aalam hee kuch aur hai
maine khud wafa karke aur bewafa hoke dekha hai.
Forum: Aapki Shayri 20th April 2018, 11:55 PM
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Posted By MANOJTANHA
aap kehte hain ki du udaan main apne khyalon ko, ...

aap kehte hain ki du udaan main apne khyalon ko,

hota hai ye, ki ye khyaal hi mujhe uda le jaate hain
Forum: Aapki Shayri 15th April 2018, 12:23 PM
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Posted By MANOJTANHA
Thumbs up wah ruchika jee khu likha hai aapne

wah ruchika jee khu likha hai aapne
Forum: Shayri-e-Dard 9th April 2018, 10:42 PM
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bahut khub chaand bhai. bilkul yatharth ko ghazal...

bahut khub chaand bhai. bilkul yatharth ko ghazal mai piroyaa hai. acha laga.

aur silent tears aapke kya kehne "ग़म के पीछे मारे मारे फिरना क्या
ये दौलत तो घर बैठे आ जाती है"| sahab yai daulat...
Forum: Shayri-e-Dard 9th April 2018, 10:33 PM
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Posted By MANOJTANHA
shukriyaa dhaval jee. in duaaon kee hee badaulat...

shukriyaa dhaval jee. in duaaon kee hee badaulat aage badhne ka hauslaa aata hai
Forum: Shayri-e-Dard 9th April 2018, 10:31 PM
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Posted By MANOJTANHA
sukriaa madhu ji. bus aise hi hauslaa badhate...

sukriaa madhu ji. bus aise hi hauslaa badhate rahein. aur haan aap agar kahin koi kamee mehsus karein o use jarur batayein.
Forum: Shayri-e-Dard 3rd April 2018, 04:55 PM
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Posted By MANOJTANHA
Many Thanks Dhaval jee. aapke shabdon ne...

Many Thanks Dhaval jee.

aapke shabdon ne bahut hauslaa diyaa hai|

mai to bas kabhi kabhak kuch sher ityadi lkh liya karta hun.

manoj tanha
Forum: Shayri-e-Dard 3rd April 2018, 12:10 PM
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Posted By MANOJTANHA
कैसे कहें कि तुम दिल के करीब हो

कैसे कहें कि तुम दिल के करीब हो,
कैसे कहे कि तुम हमारे अज़ीज़ हो,
झूठे हैं क्या दिल को आईना कहने वाले,
दिले तस्वीर नजर आती नहीं तुम्हे।

याद कहाँ होंगी तुमको वो मुलाकातें
फुरकत में डूबी हसरत भरी...
Forum: Shayri-e-Dard 3rd April 2018, 11:27 AM
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Posted By MANOJTANHA
दिल तड़पा, तड़प कर सब्र कर गया मगर मुझको मुझसे...

दिल तड़पा, तड़प कर सब्र कर गया
मगर मुझको मुझसे बेदखल कर गया
बहुत तड़पा तड़प कर कुछ कहने के लिए
हर हर्फ़ जुबान पर आते आते रह गया

मनोज तन्हा
Forum: Shayri-e-Dard 3rd April 2018, 11:24 AM
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shukriyaa qasid bhai, bas kabhi kuch khyalaat...

shukriyaa qasid bhai, bas kabhi kuch khyalaat aate hain to likh dete hain.
Forum: Shayri-e-Dard 3rd April 2018, 11:20 AM
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bahut khub likhaa hai madhu ji.

bahut khub likhaa hai madhu ji.
Forum: Shayri-e-Dard 13th March 2018, 10:47 PM
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बहुत खुब लिखा है शाद जी। कुछ पुराने ज़ख्म हरे कर...

बहुत खुब लिखा है शाद जी। कुछ पुराने ज़ख्म हरे कर दिये
दर्द छलक्ता है हर शब्द में , और याद दिलाता है कुच खोये हुये लम्हों की
Forum: Shayri-e-Dard 13th March 2018, 10:37 PM
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कविता तेरी

ना ही निश्ब्द ना ही स्त्ब्ध और ना ही पागल है कविता तेरी
एक तन्हा दिल की उदास तन्हायी है कविता तेरी
यह शुन्य है हज़ारों लाखों से ज़्यादा कीमती
और बाकी सभी कवितायों से बेशकीमती है कविता तेरी ।
Forum: Shayri-e-Dard 13th March 2018, 10:18 PM
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प्यार क्या है

प्यार क्या है ये किस को समझ आया है
हमें तो बस एक दर्द का ही एहसास हो पाया है
अगर इस दर्द को ही प्यार कहते हैं
तो फिर हमने ये ता उम्र पाया है।
Forum: Aapki Shayri 11th March 2018, 09:16 PM
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Posted By MANOJTANHA
bahut khub dost. bahut khushnaseeb hai wo jiske...

bahut khub dost. bahut khushnaseeb hai wo jiske liye itne sundar shabdon mai aapne haale dil likhaa hai|
Forum: Aapki Shayri 11th March 2018, 09:13 PM
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Posted By MANOJTANHA
jindagee kaa kadwa sacjh hai ye ruchika jee....

jindagee kaa kadwa sacjh hai ye ruchika jee. bahut khub.
Forum: Aapki Shayri 11th March 2018, 09:01 PM
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Posted By MANOJTANHA
जिंद्गी की ख्वाहिश

जिंद्गी के चंद लम्हों की ख्वाहिश क्यों है
हमें आखिर इतनी, अक्सर पुछा करते हैं लोग हमसे
हम कैसे उन्हे बतायें कि
ह्मारी जिंद्गी जो तुम हो।



कारवां उनकी यादों के हमारे साथ चले आये,
वो तो रूठ...
Forum: Aapki Shayri 8th March 2018, 10:14 AM
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Posted By MANOJTANHA
i invite suggestions on my above kavita

i invite suggestions on my above kavita
Forum: Aapki Shayri 5th March 2018, 08:30 AM
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Posted By MANOJTANHA
College ka woh pehla pyaar

COLLEGE KA WOH PEHLA PYAAR

Yaad hai mujhe aaj tak college ke woh din aur uski yaadain
Par hogi kya yaad usse bhee

college ka woh pehla din,
Dikhna us chehre kaa bus stop par
Naa koi jaan...
Forum: Shayri-e-Dard 4th March 2018, 07:09 PM
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Posted By MANOJTANHA
इजहारे इश्क़ हम कभी ना कर पाए, ये खता थी हमारी ...

इजहारे इश्क़ हम कभी ना कर पाए, ये खता थी हमारी
आँखों मे पढ़ कर भी अनजान बने रहे, ये अदा थी तुम्हारी,
अपना तुम्हे मान कर भी अपना कहें कैसे
बस इसी कशमकश मे गुजर गई ये जिंदगानी हमारी।

...
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