Shayri.com  

Go Back   Shayri.com > Search Forums

Showing results 1 to 40 of 146
Search took 0.02 seconds.
Search: Posts Made By: NakulG
Forum: Ghazal Section 9th April 2018, 04:48 PM
Replies: 4
Views: 1,737
Posted By NakulG
शुक्रिया धवल जी ...

शुक्रिया धवल जी ।
Forum: Ghazal Section 22nd March 2018, 02:01 PM
Replies: 4
Views: 1,737
Posted By NakulG
शुक्रिया जनाब। ...

शुक्रिया जनाब। ।
Forum: Ghazal Section 22nd March 2018, 02:00 PM
Replies: 6
Views: 2,386
Posted By NakulG
शुक्रिया जनाब। ...

शुक्रिया जनाब। ।
Forum: Ghazal Section 20th March 2018, 11:30 PM
Replies: 4
Views: 1,737
Posted By NakulG
खो गया हूँ शहर की रफ्तार में

आज अरसे बाद लौटा हूँ। ऐसा लग रहा है कि मैं बूढ़ा हो रहा हूँ।

लीजिये, sdc की यादों को ताज़ा करते हुए एक ग़ज़ल यहाँ छोड़ जा रहा हूँ। इधर से गुज़रा था, सोचा सलाम करता चलूँ...

ग़ज़ल

खो गया हूँ शहर की...
Forum: Anjuman-e-Shayri 20th March 2018, 11:22 PM
Replies: 4
Views: 2,850
Posted By NakulG
शुक्रिया मधू जी। ...

शुक्रिया मधू जी। ।
Forum: Ghazal Section 20th March 2018, 11:21 PM
Replies: 6
Views: 2,386
Posted By NakulG
शुक्रिया कबीर जी। आपकी तारीफ़ से दिल बाग बाग हो...

शुक्रिया कबीर जी।
आपकी तारीफ़ से दिल बाग बाग हो गया
Forum: Ghazal Section 20th March 2018, 11:19 PM
Replies: 6
Views: 2,165
Posted By NakulG
शुक्रिया कबीर जी। ...

शुक्रिया कबीर जी। ।
Forum: Ghazal Section 20th March 2018, 11:18 PM
Replies: 11
Views: 1,956
Posted By NakulG
शुक्रिया कबीर जी। ...

शुक्रिया कबीर जी। ।
Forum: Ghazal Section 20th March 2018, 11:16 PM
Replies: 4
Views: 1,663
Posted By NakulG
शुक्रिया कबीर जी

शुक्रिया कबीर जी
Forum: Ghazal Section 20th March 2018, 11:14 PM
Replies: 7
Views: 1,848
Posted By NakulG
शुक्रिया कबीर जी। ...

शुक्रिया कबीर जी। ।
Forum: Ghazal Section 20th March 2018, 11:13 PM
Replies: 6
Views: 1,823
Posted By NakulG
शुक्रिया क़ासिद जी शुक्रिया कबीर जी। ...

शुक्रिया क़ासिद जी
शुक्रिया कबीर जी। ।
Forum: Anjuman-e-Shayri 3rd July 2017, 08:35 PM
Replies: 4
Views: 2,850
Posted By NakulG
ख़ाब

आज दिन भर थी परेशान अम्मा
ख़ाब कल रात बुरा देखा था

~नकुल
Forum: Ghazal Section 2nd July 2017, 05:01 PM
Replies: 4
Views: 1,562
Posted By NakulG
तहे दिल से शुक्रिया ...

तहे दिल से शुक्रिया ।
आभार
Forum: Shayri-e-Ishq 2nd July 2017, 05:00 PM
Replies: 5
Views: 985
Posted By NakulG
शुक्रिया जी। ...

शुक्रिया जी। ।
Forum: Shayri-e-Ishq 2nd July 2017, 04:58 PM
Replies: 5
Views: 985
Posted By NakulG
वाह। । शुक्रिया

वाह। ।
शुक्रिया
Forum: Shayri-e-Ishq 26th June 2017, 02:56 PM
Replies: 5
Views: 985
Posted By NakulG
ईद मुबारक़

#ईद_मुबारक़

ईद का चाँद भी था, वो भी खड़े थे छत पर
इससे बढ़ कर भी कभी ईद मुबारक़ होगी?

~नकुल
Forum: Ghazal Section 26th June 2017, 02:54 PM
Replies: 4
Views: 1,562
Posted By NakulG
शुक्रिया मधू जी ...

शुक्रिया मधू जी ।
Forum: Ghazal Section 19th June 2017, 08:51 PM
Replies: 4
Views: 1,562
Posted By NakulG
चीड़ के फूल हैं गिरे हर सू

~ग़ज़ल~

चीड़ के फूल हैं गिरे हर सू,
और ये माज़ी के सिलसिले हर सू।

सुस्त से पड़ गए सभी बादल,
पर्वतों पर घिरे घिरे हर सू।

उंघते आसमां के कैनवस पर,
रंग कितने ही थे भरे हर सू।
Forum: Ghazal Section 11th February 2017, 02:11 PM
Replies: 6
Views: 2,386
Posted By NakulG
शुक्रिया मधू जी ...

शुक्रिया मधू जी ।
Forum: Ghazal Section 8th February 2017, 02:38 PM
Replies: 6
Views: 2,386
Posted By NakulG
एक तरही ग़ज़ल

कमी सी खल रही थी शायरों की
लो बस्ती आ गयी है आशिकों की

हवेली थी यहीं कुछ साल पहले
जुड़ी छत कह रही है इन घरों की

मेहरबां है वो मुझपर आज कितना
महक सी आ रही है साज़िशों की

हुआ था मुझसे भी ये...
Forum: Shayri-e-Dard 21st November 2016, 09:41 AM
Replies: 4
Views: 1,194
Posted By NakulG
Sukriya qasid ji Shukriya shaad ji Shukriya...

Sukriya qasid ji
Shukriya shaad ji
Shukriya Madhu ji
Forum: Shayri-e-Dard 17th November 2016, 01:37 PM
Replies: 4
Views: 1,194
Posted By NakulG
फूल नीले

आज़ाद नज़्म

फूल नीले इस गली में
आज भी खिलते हैं लेकिन
अब नहीं वो बात इनमें
अब महक वैसी नहीं है
मैं न कहता था कि शायद
ये महक इनकी नहीं है।

ले गयीं हो तुम महक भी
Forum: Ghazal Section 17th October 2016, 08:51 PM
Replies: 11
Views: 1,956
Posted By NakulG
शुक्रिया sir। ...

शुक्रिया sir। ।
Forum: Ghazal Section 11th October 2016, 11:40 AM
Replies: 4
Views: 1,663
Posted By NakulG
शुक्रिया जी। ...

शुक्रिया जी। ।
Forum: Ghazal Section 10th October 2016, 08:45 PM
Replies: 4
Views: 1,663
Posted By NakulG
रखता है आसतीं में जो ख़ंजर लपेटकर

करता है बात अम्न की अक्सर लपेटकर
रखता है आसतीं में जो ख़ंजर लपेटकर

हर रोज़ घूमता है कड़ी धूप में फ़क़ीर
तावीज़ बेचता है मुक़द्दर लपेटकर

उसने ग़ज़ल कही कि निचोड़ा है दिल कोई
कागज़ में रख दिया है समन्दर...
Forum: Ghazal Section 26th September 2016, 09:38 PM
Replies: 11
Views: 1,956
Posted By NakulG
शुक्रिया सुनीता जी। ...

शुक्रिया सुनीता जी। ।
Forum: Ghazal Section 26th September 2016, 09:37 PM
Replies: 11
Views: 1,956
Posted By NakulG
शुक्रिया मुजाहिद भाई। ...

शुक्रिया मुजाहिद भाई। ।
Forum: Ghazal Section 25th September 2016, 12:11 PM
Replies: 6
Views: 1,823
Posted By NakulG
शुक्रिया मधू जी शुक्रिया सुनीता जी

शुक्रिया मधू जी
शुक्रिया सुनीता जी
Forum: Ghazal Section 24th September 2016, 10:27 AM
Replies: 11
Views: 1,956
Posted By NakulG
शुक्रिया मधू जी शुक्रिया धवल जी

शुक्रिया मधू जी
शुक्रिया धवल जी
Forum: Ghazal Section 22nd September 2016, 10:11 PM
Replies: 6
Views: 1,823
Posted By NakulG
हिचकियों ने कल सताया देर तक

ज़ुल्म मुझ पर उसने ढाया देर तक
हिचकियों ने कल सताया देर तक

बाग़ में ताज़ा कली को देख कर
एक भँवरा गुनगुनाया देर तक

कल अमावस हो गयी पूनम हुज़ूर
चाँद छत पर मुस्कुराया देर तक

मोर ने अंगड़ाइयाँ जब...
Forum: Ghazal Section 22nd September 2016, 10:06 PM
Replies: 11
Views: 1,956
Posted By NakulG
ज़िक्र होता है मगर अक्सर तेरा

अब मेरे दिल में नहीं है घर तेरा
ज़िक्र होता है मगर अक्सर तेरा

हाँ! ये माना है मुनासिब डर तेरा
आदतन नाम आ गया लब पर तेरा

भूल तो जाऊँ तुझे पर क्या करूँ
उँगलियों को याद है नम्बर तेरा

कर गया...
Forum: Ghazal Section 22nd September 2016, 10:05 PM
Replies: 7
Views: 1,848
Posted By NakulG
मधू जी, क़ासिद जी, धवल जी, सुनीता जी पसंद...

मधू जी, क़ासिद जी, धवल जी, सुनीता जी

पसंद करने के लिए
सभी का आभार
Forum: Ghazal Section 11th June 2016, 03:39 PM
Replies: 6
Views: 2,165
Posted By NakulG
Shukriya Shaad ji Shukriya sunita ji Shukriya...

Shukriya Shaad ji
Shukriya sunita ji
Shukriya Madhu ji
Forum: Ghazal Section 11th June 2016, 03:38 PM
Replies: 7
Views: 1,848
Posted By NakulG
तेरी हाँ में हाँ न मिला सका

न तो झूट मैंने कहा कभी न ही सच का साथ निभा सका
मेरी हार का है सबब कि मैं तेरी हाँ में हाँ न मिला सका

मैं था जिसका अरसे से मुन्तज़िर वो मिला हो जैसे इक अजनबी
न तो बात उस से हुई कोई न गले उसे मैं...
Forum: Ghazal Section 1st March 2016, 02:24 PM
Replies: 6
Views: 2,165
Posted By NakulG
इज़्तिराबी अज़ाब की सी

इज़्तिराबी अज़ाब की सी है
उस पे चाहत सराब की सी है

शायरी बिन तेरे तस्सव्वुर के
ख़ाली बोतल शराब की सी है

लब झिझकते हैं उसको छूने में
पंखुड़ी इक ग़ुलाब की सी है

सादगी से सजी तेरी सूरत
Forum: Humourous Shayri 11th February 2016, 06:08 PM
Replies: 3
Views: 2,643
Posted By NakulG
Shukriya Shaad ji Shukriya Madhu ji ...

Shukriya Shaad ji
Shukriya Madhu ji .
Forum: Humourous Shayri 10th February 2016, 07:47 PM
Replies: 3
Views: 2,643
Posted By NakulG
हज़ल

हज़ल

सरे राह बारिश में छाता उड़ा कर
तेरा भीग जाना गज़ब हो गया
जो होली के दिन भी नहीं थी नहाती
तेरा कल नहाना गज़ब हो गया

तेरे सुर्ख़ होंठों पे ये मुस्कुराहट
नज़रबट्टुओं की हो जैसे बनावट
लहू पी के...
Forum: Ghazal Section 27th December 2015, 10:24 AM
Replies: 6
Views: 915
Posted By NakulG
Thanks Shaad ji Thanks Arvind ji ...

Thanks Shaad ji
Thanks Arvind ji .
Forum: Ghazal Section 26th December 2015, 10:57 AM
Replies: 6
Views: 915
Posted By NakulG
शुक्रिया मधू जी शुक्रिया इश्क़ जी। ...

शुक्रिया मधू जी
शुक्रिया इश्क़ जी। ।
Forum: Ghazal Section 25th December 2015, 02:37 PM
Replies: 6
Views: 915
Posted By NakulG
छिपाके यार तबस्सुम में बेक़रारी रख

ऐ दिल हमारे बस इक इल्तिजा हमारी रख
ये राज़ राज़ रहे थोड़ी होशियारी रख

इन आसुंओं पे लगा बाँध टूट जाने दे
बहा दे बोझ ऐ दिल! यूँ न ख़ुद को भारी रख

ज़रा तो सब्र से ले काम चाँद आने तक
छिपाके यार...
Showing results 1 to 40 of 146

 
Forum Jump


Powered by vBulletin® Version 3.8.5
Copyright ©2000 - 2021, Jelsoft Enterprises Ltd.
vBulletin Skin developed by: vBStyles.com